साप्ताहिक व्रत एवं त्यौहार (7 सितंबर से 13 सितंबर 2026)

एक नज़र में: इस सप्ताह के प्रमुख व्रत और त्यौहार

दिनांक (सितंबर 2026)दिनव्रत / त्यौहार का नाम
7 सितंबरसोमवारजया एकादशी व्रत
8 सितंबरमंगलवारभौम प्रदोष व्रत
9 सितंबरबुधवारमासिक शिवरात्रि व्रत
10 सितंबरगुरुवारपिठोरी / कुशोत्पाटिनी अमावस्या
11 सितंबरशुक्रवारस्नान-दान अमावस्या
13 सितंबररविवारवराह जयंती

7 सितंबर 2026 (सोमवार): जया एकादशी व्रत

हिंदू पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी है। शास्त्रों में इसे जया एकादशी कहा गया है। अगर आप आज के दिन पूरी श्रद्धा से व्रत करते हैं, तो आपके सभी कार्य सफल होते हैं। हर काम में विजय (जय) दिलाने के कारण ही इसे जया एकादशी नाम दिया गया है।

8 सितंबर 2026 (मंगलवार): भौम प्रदोष व्रत

भाद्रपद कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि आज दोपहर 1:45 बजे तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी, इसलिए आज प्रदोष व्रत रखा जाएगा। मंगलवार के दिन पड़ने वाले इस भौम प्रदोष व्रत को करने से आपको कर्ज (ऋण) से पूरी तरह मुक्ति मिलती है।

9 सितंबर 2026 (बुधवार): मासिक शिवरात्रि व्रत

भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत होता है। आज के दिन भगवान शिव की पूजा करना आपके लिए विशेष फलदायी रहेगा।

10 सितंबर 2026 (गुरुवार): पिठोरी / कुशोत्पाटिनी अमावस्या

सुबह 10:00 बजे के बाद भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि लग जाएगी। पितरों की शांति के लिए यह तिथि बहुत महत्वपूर्ण है। अगर आप अपने पितरों की मुक्ति चाहते हैं, तो आज के दिन श्राद्ध कर्म जरूर करें। संयोग से आज के दिन इसे पिठोरी अमावस्या भी कहा जाता है।

11 सितंबर 2026 (शुक्रवार): स्नान-दान अमावस्या

अमावस्या तिथि आज सुबह 8:38 बजे तक ही रहेगी। हिंदू पंचांग के अनुसार आज सुबह पवित्र नदी में स्नान करने और दान देने का विशेष महत्व है। सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और अपनी क्षमता अनुसार दान दें।

13 सितंबर 2026 (रविवार): वराह जयंती

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भगवान विष्णु ने वराह अवतार लेकर पृथ्वी की रक्षा की थी। इसी कारण आज के दिन को वराह जयंती के रूप में मनाया जाता है।

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